नई टीम बनाने की कोशिश?
अहमद फ़याज़ का कहना था कि महबूबा मुफ़्ती की सरकार ख़त्म होने के बाद ही राज्य में नए टीम को बनाने का सिलसिला शुरू हो चुका है. वह कहते हैं, "इस बात में कोई शक नहीं है कि राज्यपाल सत्यपाल मालिक एक नई टीम बनाना चाहते हैं लेकिन उनके आने से पहले ही एक नया नेतृत्व बनाने का सिलसिला शुरू हुआ था. आप देख रहे हैं कि 20 जून के बाद जो हालात कश्मीर में पैदा हुए हैं, वे ये हैं कि आप के सामने नए राज्यपाल हैं, नए चीफ़ सेक्रेटरी हैं. जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट की नई चीफ़ जस्टिस हैं, नया चीफ़ कन्सर्वेटर ऑफ़ फॉरेस्ट लया गया है. अभी तक बीजेपी-पीडीपी की जो पॉलिसी थी उसमें कोई नई तब्दीली नहीं आई है. अब ये देखना होगा कि आगे कौन-सी तब्दीली लाई जा रही है." एसपी वैद का चरमपंथ के खिलाफ सक्रिय रहने पर फ़ याज़ कहते हैं, "ए सपी वैद चरमपंथ के ख़िलाफ़ अभियानों में हमेशा आगे रहे हैं. डीजीपी बनने से पहले वह दो बार चरमपंथी हमलों में ज़ख़्मी भी हो चुके हैं. चाहे कश्मीर हो या जम्मू, वह हमेशा चरमपंथ के ख़िलाफ़ अभियानों में सक्रिय रहे हैं. चरमपंथ के ख़िलाफ़ अभियानों में उनकी जो भूमिका रही है ...