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Showing posts from October, 2018

चरमपंथ की राह पर क्यों बढ़े 'काबिल' स्कॉलर मन्नान वानी

जिसके मारे जाने पर कश्मीर में चरमपंथ की नई लहर शुरू हुई उस मैट्रिक पास बुरहान वानी के विपरीत, 26 वर्षीय शोधकर्ता और गहन अध्ययन करने वा ले मन्नान वानी के इर्द-गिर्द एक जोशी ले विचारक की आभा थी. भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर को विभाजित करने वाली नियंत्रण रेखा के क़रीब कश्मीर में सबसे अधिक फ़ौज की तैनाती वाले कुपवाड़ा ज़ि ले से ताल्लुक रखने वाले मन्नान अलीग ढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे थे. 5 जनवरी 2017 को अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर पकड़े उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर दिखाई दी और साथ में ये एलान भी कि वो चरमपंथी संगठन हिज़्बुल मु जाहिदीन में शामिल हो गए हैं. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ( एएमयू) की आधिकारिक वेबसाइट पर लिखा है कि 26 वर्षीय मन्नान 'स्ट्रक्चरल ऐंड जियो-मोर्फोलॉजिकल स्टडी, कश्मीर' पर पीएचडी कर कर रहे थे. एएमयू की वेबसाइट के मुताबिक 2016 में मन्नान को 'जल, पर्यावरण, पारिस्थितिकी और समाज' पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए पेपर के लिए पुरस्कार भी मिला था. भोपाल के एआईएसईसीटी यूनिवर्सिटी में 'जल, पर्यावरण, ऊर्जा और समा...

北京在第四季度由于雾霾严重而发布了两次红色预警

大多数国家将 “依照批准、 接受或核准”程序签署协议,这意味着他们的签字必须以获得加入协议必须的国内许可为先决条件。某些国家还需要制定有关的国家性法律才能执行协议。例如,澳大利亚仅要求正式向议会告知并介绍协议,而墨西哥则必须首先获得参议院的同意。在美国,所有国际协议都基于总统的权力以“ 行政协议”方式加 入。 一国完成必要的国内流程之后, 将递交“批准、接受或者核准”文书。这表明该国已完成全部必要手续并可以正式加入协议。提交上述文件没有任何时间限制,一国可以按照自己的意愿,在签约后立即提交相关文书,也可以在签约同一天提交批准、接受或者核准文书,亦可以在签约很久之后提交。 5)缔约国如果在2017年4月22日之前没有签 署协议,之后能否加 入? 是的。在一年的签字期之后,协议将对有意“加入”的各方开放。所谓“加入”指的是一国成为其他国家已经签订的国际协议的 缔约方。在2017年 4月22日之后递交加入文书与此前在协议上签字并递交批准、接受或者核准文书虽然不同,但法律效力相同。 6)巴黎协议何时正式生效? 只有当至 少55个 缔约国递 交批准、接受或者核准文书,且上述缔约国温室气体排放量占世界总量的比重达到55%或以上时,巴黎协议才正式产生法律效力。目前还无法准确预测巴黎协议生效的确切时间,因为这取决于各国能在多长时间内完成国内审批流程。协议生效后,召开首次 会议将同时将召开第一届巴黎协议 缔约国会议。 下图 显示了达成55%门槛的各 种可能的组合方式。虽然根据各国向UNFCCC报送的最新排放数据存在一系列组合的可能性,我们的分析显示,要达成55%的门槛,中国、美国、欧盟、俄罗斯四个主要排放国中至少有一方要接受协议。上述国家正式成为协议缔约方的时间取决于各自国内法律体系。 绿色和平2016年1月发布的《 中国366座城市P M2.5浓度排名》报告显示,浓度最高的前五名省市为河南省、北京市、河北省、天津市、山东省。最低的为海南省、西藏自治区、云南省、福建省、贵州省。 报告指出,中 国防治空气污染的措施 似乎初见成效。与2014年相比, 2015年中国主要城市PM2.5年平均浓度降低10.3%。但80.1%的城市PM2.5年平均浓度仍然 超标。这些城市2015年 PM2.5年平均浓度达到50.2微克/立方米,高于中国政府制定的35微克/立方米的...

गौतम नवलखा की नज़रबंदी दिल्ली हाईकोर्ट ने खत्म की

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को मा नवाधिकार कार्यकर्ता और वरिष्ठ पत्रकार गौतम नवलखा को नज़रबंदी से मुक्त करने के आदेश दिए. महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव हिंसा के मामले में गौतम नवलखा को उनके घर में ही 29 अगस्त से नज़रबंद कर रखा गया था. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार हाईकोर्ट ने नवलखा को रिहा क रते हुए कहा कि नज़रबंद रखना क़ानून सम्मत नहीं है. इस मामले में नवलखा समेत पांच लोगों को नज़रबंद कर रखा गया है. 28 अगस्त को महाराष्ट्र पुलिस ने देश भर में कथित रूप से माओवादियों से सहानुभूति रखने वाले लोगों के घरों पर छापेमारी की थी. अगले ही दिन सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की ट्रांजिट रिमांड की अर्जी ख़ारिज करते हुए इन्हें महाराष्ट्र लाने पर रोक लगा दी और उन्हें अपने ही घरों में नज़रबंद रखने का आदेश दिया था. दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार की शाम को कहा कि महाराष्ट्र पुलिस को निचली अदालत ने जो ट्रांजिट रिमांड की अनुमति दी थी वो भी क़ानून सम्मत नहीं थी और इस अनुमति को भी रद्द कर दिया. गौतम नवलखा के अलावा वक़ील और ट्रेड यूनियन एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज, तेलुगू कवि वरवर राव, वक़ील अरुण फ़रेरा और...